रविवार, 28 अगस्त 2022

नि:स्वार्थ प्रेम - Selfless Love Story.

नि:स्वार्थ प्रेम

एक बार एक ग्वालन दूध बेच रहीं थी और सबको दूध नाप - नाप कर दे रहीं. उसी समय एक नौजवान दूध लेने आया तो ग्वालन ने बीना नापे ही उस नौजवान का बरतन दूध से भर दिया. वहीं थोड़ी दूर पर एक साधु हाथ में माला लेकर मनके गिन-गिन कर माला फेर रहा था.

तभी उसकी नज़र ग्वालन पर पड़ीं और उसने ये सब देखा और पास ही बैठे व्यक्ति को सारी बात बताकर इसका कारण पूछा ....!?

उस व्यक्ति नें बताया कि जिस नौजवान को उस ग्वालन बिना नाप के दूध दिया हैं....., वह उस नौजवान से *प्रेम करतीं हैं। ईसलिए उसने उसे बिना नाप के दूध दे दिया .
selfless Love story in hindi

यह बात साधु के दिल को छू गई और उसने सोचा कि एक दूध बेचने वालीं ग्वालन जिससे *प्रेम* करतीं हैं तो उसका हिसाब नहीं रखती .... और मैं अपने जिस *ईश्वर से प्रेम करता हूँ , उसके लिए सुबह से शाम तक मन में गिनगिन कर मालाफेरता हूँ .
मुझसे तो अच्छी़ वो ग्वालन ही हैं . और उसने वो मालातोड़कर फेंक दीया. 

जीवन भी ऐसा ही हैं. जहाँ *प्रेम होतां हैं वहाँ हिसाब - किताब नहीं होता हैं .., और जहाँ हिसाब - किताब होता हैं, वहाँ *प्रेम नहीं होता, सिर्फ व्यापार होता हैं .
अतः प्रेम भले ही वो पत्नी से हो, भाई से हो, बहन से हो, पड़ोसी से हो, रिश्तेदार से हो, दोस्त से हो या भगवान से......!
*नि: स्वार्थ* प्रेम कीजिए जहाँ कोई गिनती न हो, बस प्रेम हो!

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