शिवजी के व्रत
श्रावण मास के ब्रत श्रावण के समस्त सोमवारों को किया जाता हे। इस व्रत में शिव, पार्वती, गणेश तथा नन्दी की पूजा अर्चना की जाती हें। जल, दूध, दही, चीनी, घी, मधु, पंचामृत, कलावा, वस्त्र, यज्ञोपवीत, चन्दन, रोली, चावल, फूल, विल्वपत्र, दूर्वा, विजया, आक, धतूरा, कमलगटूटा, पान सुपारी, लौंग, इलायची, पंचमेवा, धूप, दीप ओर दक्षिणा सहित भगवान शिव की पूजा और अराधना करनी चाहिए।
पूजन के बाद दिन में केवल एक बार भोजन करने का विधान है। इन दिनों श्रावण मास के माहात्म्य को सुनना या पढ़ना चाहिए। इन दिनों मंदिरों और घरों में कीर्तन आदि आयोजित करते हैं।
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