शुक्रवार, 23 जुलाई 2021

चरखले आली तेरा चरखा - Charkhe Aali Tera Charkha Bole Ram Kabir Shabd

कबीर शब्द 

चरखले आली री तेरा चरखा बोलै राम राम ,
तूँ भज ले हरि हरि।।
चरखा तेरा रंग रँगीला, पीढ़ा लाल गुलाल।
कातन आली शाम सुंदरी, मुड़ तुड़ घालै तार।।
शरीर है तेरा रंग रंगीला, अन्तःकरण है लाल।
कातन आली जीभ सुंदरी, चलै ओली सोली चाल।।
सास कुंवारी बहु पेट में, ननद पंजीरी खाए।
देखन आली कै छोहरा होग्या, बांझ खिलावन जाए।।
तृष्णा सासु आश पेट में, या निंदा ननद कहाए।
समता दृष्टि ज्ञान का छोहरा, बुद्धि बांझ कहाए।।

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