शुक्रवार, 9 जुलाई 2021

गुरुआं ने बीन बजाई - Kabir Das guruji Ne Bean Bajayi

Kabir Poem Guru ji ne Bean bajayi

कबीर दास जी शब्द
गुरुआं ने बीन बजाई, साधो मेरा मन पकड़ा।
मैं बहु रँगन नागिन पकड़ी जी,
जिसका डँसा मर जाई।।
पकड़ बांध पिटारे में रोकी जी,
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धोइ दातरी सब तुड़वाई जी,
दिया कुमति जहर सुतवाई
घीसा सन्त सपेरा बन गया जी,
जीता को गारडू सिखाई।

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