शनिवार, 17 जुलाई 2021

मेरी नेम की नेजु धर्म के पलड़े - Meri Name ki Neju Dharm ke Palde Kabir ke Shabd

Meri Name ki Neju Dharm ke Palde

Kabir Ke Shabd

मेरी नेम की नेजु धर्म के पलड़े, पकड़ सूरत चढ़ जाइए।
निरत सूरत के बांध घुंघरू,राग छतीसों गाइए।।
ना वहां सूरज ना वहां चन्दा, ना वहां नोलख तारे।
जब रोशनी हुवै महल में,
देख मगन हो जाइए लाडली।।
गगन मण्डल में अमृत बरसे, पी के प्यास बुझाइए।
उसी शहर में सेज पिया की,
जाके लेट लगाईए।।
हँसदास की लाडली हे, मत दिल में घबराइए।
मालिक के घर जा लइ सुरतां,
फेर बावहड़ नहीं आइए लाड़ली।।

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