कबीर भजन मालाशब्द - १मन लागत रामा फकीरी में ।जो सुख बन्दे राम नाम में,सो सुख नाहीं अमीरी में ।***जो सुख है गाजर नेनुआ में,सो सुख नाहीं अमीरी में ।***हाथ में डण्डी बगल में सोटा,सारा मुल्क जगीरी में ।***चेत करो साहब की सुमरि,कही मन रह दिलगीरी में ।***कहत कबीर सुनो भाई साधो,साहब मिले हजरी में ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें