सोमवार, 13 सितंबर 2021

कबीर पी पी मतना बोल - Kabir Bhajan Pee Pee Mat Bol

kabir bhajan pi pi mtna bol

कबीर के भजन
पी-२ मतना बोल

पी-२ मतना बोल पपीहा रे पी-२ मतना बोल
पी-३२ बोल मेरे विरह रे जगावे
दिल है डावांडोल।
दिन नहीं चैन रेन नहीं निद्रा
किस ने कहूँ दिल खोल।
शीश दिया मने पीव लिया रे
इतने महंगे मोल।
कथगी कमाली कबीरा थारी बाली जी
मेरे उठें कालजे होल।

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