तुम सुनियो सन्त सुजान - कबीर के दोहे हिंदी में अर्थ
Sunday, January 22, 2023

तुम सुनियो सन्त सुजान - कबीर के दोहे हिंदी में अर्थ

कबीर सिंह

तुम सुनियो सन्त सुजान,  गर्व नहीं करना रे।।
चार दिनों का रैन बसेरा, आखिर तोकु मरना है।।

तूँ जाने मेरी न्यू ए निभेगी।
हरदम लेखा भरना है।।

खाले पिले विलसले रे हंसा।
जोड़ जोड़ नहीं धरना रे।।

दास गरीब सकल में साहिब।
नहीं किसी से अड़ना है।।

गरीबदास मन धरै न हंसा।
अधर धार पंथ कबीरा रे।।

No comments:

Post a Comment

Youtube Channel Image
Accountax Solutions Subscribe To watch more Tutorials
Subscribe