राम कहो आराम मिलेगा, सही रटन की जो हो चास।
सुबह नहीं तो शाम मिलेगा, रख मन में पक्का विश्वास।।
भरे रिता दे रीते भर दे,जिस पे नजर मेहर की करदे।
भीड़ पड़े आ काढ़ कसर दे, हरि भगत के हों सै दास।।
हरि भजन जो निशदिन गावैं, पाप सभी मन के धो जावै।
पाँच चोर ना धोरै आवै, तीन का होजा तोड़ खुलास।।
तुंही तुंही कर शाम सवेरी, होजा शुध्द आत्मा तेरी।
जन्म मरण की छूट के फेरी, मुक्ति पद की होजा आश।।
चन्द्रभान ये सन्त बताते, मुक्ति का मार्ग दिखलाते।
भगवन से हैं गुरू मिलाते, कर सेवा खा मेवा खास।।

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