Kabir Ke Shabd
अति कभी ना करना बन्दे, इति तेरी हो जाएगी।
बिन पँखों के पँछी जैसी, गति तेरी हो जाएगी।।
अति सुंदर थी सीता मैया, जिसके कारण हरण हुआ।
अति घमंडी था वो रावण, जिसके कारण मरण हुआ।
अति सदा वर्जित है बन्दे, क्षति तेरी हो जाएगी।।
अति वचन बोली पांचाली,महाभारत का युद्ध हुआ।
अति दान देकर राजा, बलि भी बन्धन युक्त हुआ।
अति विश्वास कभी ना करना, मति तेरी फिर जाएगी।।
अति बलशाली सेना लेकर, कौरव चकनाचूर हुए।
अति लालचवश जाने कितने, सत्कर्मों से दूर हुए।
अति के पीछे भक्त न भागो, अति तो अंत कराएगी।।

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