गुरुवार, 9 दिसंबर 2021

कबीर भजन तू ही तू याद मोहे आवे रे - Kabir Bhajan Tu hi Tu Yaad Mohe Aave Re.

Kabir Bhajan tu hi tu yaad mohe ave re

कबीर भजन

तू ही तू याद मोहे आवे रे 

तू ही-२, याद मोहे आवे रे दर्द में ।
लाख चौरासी भटकत-२
,भटक-२मर जावे रे दर्द में।
सुख सम्पत्ति का सब कोए संगी,
दुःख में निकट ना ठावे रे दर्द में।
भाई बन्धु कुटुंब कबीला,
भीड़ पड़ी भग जावे रे दर्द में।
साह हुसैन फकीर सांई का,
हर्ष निरख गुण गावे रे दर्द में

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