शनिवार, 11 दिसंबर 2021

कबीर दास अम्ल निज नाम का मेरे दाता - Kabir Das Aml Nij Naam Ka Mere Daata.

sant kabir das amal nij naam ka mere daata

कबीर दास
अम्ल निज नाम का मेरे दाता

अम्ल निज नाम का मेरे दाता, पूरा बिन नाएं समाए।
बर्तन छोटा सा मेरे दाता वस्तु घनेरी जी,
उबल-२ बह जाए।
आपे पीओ मेरे दाता आप पिलाओ जी,
आपे ए रहे हो पचाए।
जिन-२पिया मेरे दाता जुग-२जिया जी,
लिया आवागमन निसाए।
घीसा सन्त अमली निज नाम के जी,
जीता को रहे हैं पिलाए।

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