कबीर भजन गुरु ने बीन बजाई गुरुआ ने बीन बजाई, साधो मेरा मन पकड़ा।मै बहु रंगन नागिन पकड़ी जी,जिसका डसा मर जाइ।पकड़ बांध पिटारे में डरा जीधोइ दान्तरी सब तुड़वाई जी,दिया कुमति जहर सूतवाई।घिस सन्त सपेरा मिलगा जीजीता को गारडु सिखाई।
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