शुक्रवार, 22 जनवरी 2021

पाँचों हे तत्व मिला के चरखा अजब बनाया रंग ला के - कबीर दास के भजन

कबीर के दोहे प्रेम पर

Kabir ke Shabd

पाँचों हे तत्व मिलाके, चरखा अजब बनाया रंग लाके।।
तीन गुणों का तक़वा ए डारा, सत्त की माल चढाकै।।

पांच पच्चीस इसमें घली ए पाँखडी।
खूंटे चार जँचा कै।।

जब तेरा चरखा नया ए नवेला,
सब मोहें चित्त लाकै।।

जब तेरा चरखा हुआ रे पुराना,
सब बोलैं बखड़ा कै।।

कह कबीर सुनो भई साधो।
धर दिये राछ जला कै।।

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