बुधवार, 1 फ़रवरी 2023

Anmol Kahaniya - Stories in Hindi

अनमोल कहानियाँ

anmol Kahaniya Pauranik Kathayen


2. माया 




6. नासिक के मुख में विष्णु नहीं



9. हुजत बाजी

10. स्वरूप रक्षा

11. कल्पित मिथ्या स्वरूप

12. हम ये हैं या वो हैं

13. सृष्टि ईश्वर रचित है।

14. क्यों

15. जिद रूपी बिल्ली

16. सच्चाई

17. भगवान के अर्पण

18. नवीन शिक्षितों की नवीन दृष्टि

19. अवसर चूकने पर बोले तो क्या बोले

20. तरक्की बाज बाबू

21. कविता से प्राणी की रक्षा

22. विलायती सती

23. भारत वर्ष की सती

 24. पानी का एक प्याला

25. वर माँगने की चालाकी

26. बाबू अफलातून

27. ईश्वर स्वत: क्यों आता है? 

28. मन माना अर्थ 

29. गृहस्थियों की सभा में सन्‍यासी जी

30. भगवान को भगवान पर कैसे चढाऊँ?

31. विचित्र माया नगरी 

32. जड़ गुरुओं से उपदेश

33. काम बड़ा बलवान 

34. गरीबो की दुनिया

35. इन्द्रियों पर विजय 

36. असल की नकल करने से असल का अभाव

37. समझ का फेर

38. नकली ज्ञान से भक्ति

39. नवीन समाज की स्थापना

40. तुम से लेना हराम है 

41. आत्मा रूपी  मिश्री 

42. स्वारथ का घर बार 

43. सत्य पालन की महिमा

44. दुर्जन की दुर्जेनता का परिणाम

45. मोह की महिमा

46. धन किसी का भी नहीं हुआ

47. क्या ये जमीन और मकान तुम्हारे साथ जाएगा

48. हे राम अब तो मौत आ जाए

49. आ्पनी-अपनी आन पर मिटे

50. पापी का अन्न खाने से बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है

51. दया से बढ़कर कोई यज्ञ नहीं

52. संसार में कौन बड़ा है?

53. 'हम यहीं जल मरेंगे

54. डिप्टी का बाप

55. त्यागी महात्मा धनवालों से दूर रहते हैं

56. किसी मंदिर में जा कथा मत सुनना

57. काम रूपी छत्ता 

58. उनकी सबसे प्रीति है

59. सब प्राणियों की पीड़ा मिट जाये

60.  तीन बार द अक्षर का प्रयोग

61. कंचन का थाल

62.धोबी कर गधा बन गया

 63. धर्म राज की धार्मिकता

64. सच्ची लगन क्या नहीं कर सकती?

65. माता-पिता के चरणों में प्रथम पूज्य गणेशजी

66. ईश्वर सबका रक्षक है

67. दानी कोई और है!

68. संगत का प्रभाव

69. एक काम कहूँ तो तीन काम हों

70. बीरबल का जवाब

71.अनन्य भक्त

72. घोड़ा मनुष्य का दास बना

73. कुल्हाड़ी और लकड़ी

74. भगवान को ही मान दो

75. जीभ पर पैर रखा जा सकता है.

76. यह सब तेरा ही है

77. बड़े भाई का प्रेम

78. ईश्वर की देन

79. जैसी करनी वैसी भरनी

80. महापुरुषों की महिमा

81. क्षमा बड़ों का बड़प्पन है!

82. श्रद्धालु किसान

83. बुद्धिमान बालक

84. दूसरों की रक्षा हेतु अपना बलिदान

85. माल गुजारी की माफी

86. प्रभु का मार्ग वीरों के लिए है क के लिए नहीं

87. आँखों का मोह बुरा होता है.

88. किसी भी प्रकार चैन नहीं

89.सन्त

90. कन्या विक्रय

91. ब्रत पालन

92. बेसमझी

93. अपने को सर्वसमर्थ समझना भूल है

94. ना समझी का फल

95. सदाचार

96. मुझे कुछ न चाहिए

97. सत्संग का प्रभाव

98. जैसा गुरु वेसा चेला

99. ईश्वर पर अटल विश्वास

100. छाया का पीछा छोड़ो

101. सूंई की खोज़ 

102. लो अपनी कंठी और लाओ मेरा पैसा

103. अकबर और गाय !

104. आधुनिक संध्या

105. ज्ञान का उपदेश

106. नाक कटे की चालाकी

107. मूर्ख के सामने मूर्ख ही बनना पड़ता है

108. बुढ़िया की बुद्धिमता

109. अन्ध विश्वास 

110. वरं बुद्धिःन सा विद्या

111. संगठन में ही शक्ति है

112. बेईमानी की सजा

113. लोभ से हानि

114. सर्व विजयी

115. माता की ममता

116. भले की भलाई बुरे की बुराई

117. लोभ का कुल

118. जब से क्‍यों नहीं कहा

119. माया मोह 

120. सबसे बढ़कर आत्म बल है 

121. सन्तोषी ब्राह्मण

122. बज्र मूर्खता का परिचय

123. जिसकी जूती उसी का सर!

124. हाथी कहाँ से लाए

125. ईर्ष्या द्वेष

126. देश की रक्षा के लिए सर्वस्व दान

127. सच्चाई से लाभ

128. नीयत 

129. बन्दर की चतुरता

130. कृतज्ञ और कृतघ्न 

131. काम बताओ 

132. सत्य बोलने का फल 

133. केवल सीधे पन में भी कष्ट

134. ढपोल शंख 

135. जैसे को तैसा 

136. अंधेर नगरी बेवकूफ राजा

137. भक्तों के भगवान

138. माँ की शिक्षा का प्रभाव

139. बुद्धि बल 

140. कंजूसी में जान दे दी 

141. कब, कब को? 

142. पति का दोष न देखो 

143. जमाई की चतुराई

144. दूनिया कैसी , मुझ जैसी

145. मूर्खो में विद्वान् की दुर्दशा

146. ईश्वर बड़ा मुर्ख है 

147. श्रोता या सोता 

148. मनुष्य का मित्र कौन?

149. बुद्धि हीनता 

150. खारा अमृत 

151. काग की चतुरता 

152. धोखे बाज 

153. कन्‍या विक्रय का फल

154. कुत्ते का लालच

155. माता-पिता की सेवा न करने का फल

156. लालाजी का लालच

157. चुगतासी जाणां तो चिड़यां

158. भगत का अटल विश्वास

159. भ्रम का भूत 

160. भटकता मन

161. जाट की अकल

162. मृग के पैर में चक्की

163. ईश्वर कहा रहता हे? 

164. एक ही रास्ता 

165. बड़ा त्यागी कोन?

166. अपने ही गज से सबको मत नापो

167. तू कहे सो ठीक 

168. तृष्णा

169. मोती की खोज

170. धर्म करने से धन बढ़ता है


172. सच्चा मित्र कौन हे? 



175. मैं स्वतन्त्र करूंगा

176. भागवत प्रेम













189. भगवान गर्व प्रहरी हैं

190. संत की कृपा








198. एक पत्नी व्रत धारी पुरुष 



201. जैसे सॉपनाथ तैसे नागनाथ











212. अच्छी वस्तु भगवान को अर्पित करो







219. राज़ा ने गुरु किया


221. हुनर से हीन मनुष्य को कहीं लड़की दी जाती है?


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